भारत की वो 5 बड़ी कंपनियां जिन्हें व्यापार से ज्यादा देश से रहा प्यार, इनकी मदद से मजबूत हुआ देश

भारत की वो 5 बड़ी कंपनियां जिन्हें व्यापार से ज्यादा देश से रहा प्यार, इनकी मदद से मजबूत हुआ देश

किसी भी देश की बेहतरीन कंपनी वही होती है जो अपने फायदे से पहले देश के फायदे के बारे में सोचे और काम करे. ऐसी कंपनियों के दम पर ही किसी भी देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. भारत की कुछ कंपनियां ऐसी ही हैं जिन्होंने ना केवल अपना नाम बनाया बल्किदेश की आर्थिक स्थिति को भी संभाले रखा.

1. टाटा समूह
टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा इंडियन इंडस्ट्री के पिता के रूप में जाने जाते हैं. 1870 के दशक में एक कपड़ा मिल के साथ अपनी उद्यमशीलता  की यात्रा शुरू करने वाले जमशेदजी टाटा के विजन ने भारत में स्टील और पावर इंडस्ट्रीज़ को मोटिवेट किया, तकनीकी शिक्षा की नींव रखी और देश को औद्योगिक राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल करने अपना योगदान दिया.

बता दें कि जमशेदजी टाटा द्वारा देश की उन्नति के लिए स्थापित किया गया टाटा समूह वर्तमान में विश्व स्तर पर दस इंडस्ट्रीज़ में कुल 31 कंपनियां चला रहा है. जमशेदजी टाटा सिर्फ एक उद्यमी नहीं थे, जिन्होंने भारत को औद्योगिक देशों की लीग में अपनी जगह बनाने में मदद की. वह एक देशभक्त और मानवतावादी थे, जिनके आदर्शों और विजन ने एक असाधारण व्यापारिक समूह को आकार दिया.

2. महिंद्रा एंड महिंद्रा
देश के बंटवारे के बाद भारत की आर्थिक स्थिति चिंता का विषय थी. आर्थिक स्तर पर भारत को कुछ ऐसी मजबूती चाहिए थी जो उसे इतने बड़े देश की जिम्मेदारी संभालने की हिम्मत दे सके. इसी बीच दो भाइयों ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने में अपना योगदान देने की कोशिश की. ये दो भाई थे जगदीश चंद्र महिंद्रा और कैलाश चंद्र महिंद्रा.

दोनों भाईयों ने 1945 में मलिक गुलाम मुहम्‍मद के साथ मिलकर महिंद्रा एंड मोहम्मद कंपनी की शुरुआत की थी. दोनों का सपना था इस कंपनी को एक बेहतरीन स्टील कंपनी बना कर देश को मजबूत करना लेकिन इसी बीच देश का बंटवारा हो गया.15 अगस्‍त 1947 को देश के बंटवारे के साथ ही देश के साथ कंपनी के हिंदू-मुसलमान दोस्‍त भी बंट गए.पाकिस्तान बनने के साथ ही मलिक गुलाम मुहम्‍मद ने पाकिस्तान चले गए और वहां के पहले वित्त मंत्री और फिर पाकिस्तान के तीसरे गवर्नर जनरल बने.

मुश्किल तो थी लेकिन इसके बावजूद महिंद्रा बंधुओं ने ने अपनी हिम्मत बनाए रखी और कंपनी को आगे बढ़ाने का फैसला किया. आज महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की कुल संपत्ति 22 बिलियन है. इस ग्रुप का कारोबार आज 100 देशों में फैला हुआ है. 150 कंपनियों के साथ महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ने ना केवल देश की आर्थिक स्थिति को सहारा दिया है बल्कि 2.5 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार भी दिया है.

3. कलकत्ता केमिकल कंपनी
भारतीय उद्यमी और कलकत्ता केमिकल कंपनी के मालिक खगेंद्र चंद्र दास के नेतृत्व में उनकी कंपनी ने बहुत से प्रसिद्ध स्वदेशी प्रोडक्ट बनाए. इन सबमें मार्गो के प्रोडक्ट्स ने खूब प्रसिद्धि प्राप्त की. बंगाल के एक संपन्न बैद्य परिवार में जन्मे खगेंद्र चंद्र दास के पिता राय बहादुर तारक चंद्र दास एक न्यायाधीश थे. भले ही दास के पिता एक प्रतिष्ठित पद पर थे लेकिन उन पर पिता से ज़्यादा अपनी देशभक्त मां का प्रभाव पड़ा.

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