भारत से नेपाल तक की यात्रा अध्भुत होने वाली है, 62 हजार में भारत गौरव ट्रेन करवाएगी शानदार ट्रिप

भारत से नेपाल तक की यात्रा अध्भुत होने वाली है, 62 हजार में भारत गौरव ट्रेन करवाएगी शानदार ट्रिप

हमारे देश की सीमा 9 देशों से लगती है। उनमें से 7 पड़ोसी देश जमीनी सीमा से और 2 पड़ोसी देश समुद्री सीमा से लगते है। उनमें से कुछ देश से हमारा विवाद हमेशा से ही चलता आया है। तो वही कुछ पड़ोसी देशों से हमारे बहुत ही अच्‍छे संबंध है। उनमें से एक पड़ोसी देश नेपाल (Nepal) है।

नेपाल देश के बहुत से लोग हमारे देश में निवास करते है। नेपाल हमारा एक ऐसा पड़ोसी देश है। जिससे हमारा नाता भाई बहन की तरह है। नेपाल से हमारा नाता रामायण काल (Ramatana Era) से भी है।

गौरव ट्रेन विदेशी धरती पर जाने वाली पहली ट्रेन
इसी संबंध को देखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) ने देश की पहली ऐसी ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। भारत से विेदेशी धरती पर जाने वाली पहली ट्रेन बन चुकी है। नेपाल तक जाने के लिए भारत गौरव ट्रेन (Bharat Gaurav Train) की शुरूआत कर चुका है।

इस गौरव ट्रेन का प्रारंभ 21 जून से हुआ है। आपको जानकारी के लिए बता दे कि यह ट्रेन पहली ऐसी ट्रेन है, जो रामायण सर्किट की यात्रा करेगी। यह ट्रेन दिल्‍ली के सफदरगंज से होते हुए नेपाल देश के जनकपुर तक (Safdarjung to Janakpur) जायेगी।

आपको बता दे यह ट्रेन उन स्‍थानों से होकर जाएगी जिनका संबंध भगवान राम और सीता माता से जुडा हुआ है। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, सीतामढ़ी, अयोध्‍या, नंदीग्राम, बक्‍सर, जनकपुर, रामेश्‍वर, नासिक, कांचीपुरम, चित्रकूट, हम्‍पी और भद्रांचनम जगहो से होकर गुजरेगी।

गौरव ट्रेन में 18 दिनों का होगा सफर
इस ट्रेन का नाम गौरव ट्रेन है और यह ट्रेन 18 दिनों का टूर पैकेज संचालित कर रही है। इस 18 दिनों के पैकेज में यह ट्रेन भगवान श्रीराम के जीवन से संबंधित सभी अलग अलग हिस्‍सो का भ्रमण और दर्शन कराएगी।

आपको बता दे कि यह ट्रेन कारपोरेट बिजनेस की सहायता से संचालित की जा रही है। इस ट्रेन की मदद से लोगों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्‍वपूर्ण स्‍थानों को जानने का मौका मिलेगा। भगवान राम में हम भारतीयों की बहुत ही अधिक श्रद्धा है।

लोग इस ट्रेन में सफर करने के बहुत ही इच्‍छुक है। इस ट्रेन का सफलर 17 रात और 18 दिनों का है। यह जिन जिन स्‍थानों पर जाएगी वह देश के 8 राज्‍यों में है। इस गौरव टूरिस्‍ट ट्रेन में सफर करने का किराया पर व्‍यक्ति 62 हजार 320 रूपये है।

गौरव ट्रेन में दी गई है विशेष सुविधाऍं
इस ट्रेन की विशेषताओं कि बात की जाये तो इस ट्रेन में 14 कोच है। इन कोच को लखनऊ के आलमबाग से तैयार किया गया है। इस ट्रेन में बहुत सी सुख सुविधाऍं प्रदान की गई है। इसमें साज सज्‍जा का विशेष ध्‍यान ध्‍यान रखा गया है। यह ट्रेन आधुनिक उपकरणो से लेस है।
इस गौरव ट्रेन में पैंट्री कार, सीसीटीवी कैमरे, उसके साथ ही अनाउंसमेंट सिस्‍टम भी लगाये गये है। इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को थर्ड क्‍लास में सफर कराया जा रहा है। इसके साथ ही एसी होटल में उन्‍हें स्‍टे करने की सुविधा भी प्रदान की जायेगी।

इस ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को शाकाहारी खाना दिया जायेगा। इसके साथ ही सैलानियों को ट्रेवल इंश्‍योंरेंस और सिक्‍योरिटी भी मुहैया की जा रही है। यह सुविधाऍं इसलिए दी जा रही है ताकि सैलानी इसमें सफर करने के दौरान आराम महसूस करें। अच्‍छे अनुभव से यात्रा यादगार बनती है। इसलिए इस ट्रेन में यात्रियों की हर सुविधा का ध्‍यान रखा गया है।

रेलमंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव ने किया शुभारंभ
21 जून से इस टूरिस्‍ट ट्रेन का शुभारंभ हो चुका है। इस गौरव टूरिस्‍ट ट्रेन को हमारे देश के रेलमंत्री अश्विनी वैष्‍णव जी ने हरी झंडी दिखाई है। जब इस ट्रेन का शुभारंभ हुआ उस समय कल्‍चर मिनिस्‍टर किशन रेड्डी जी भी उपस्थित रहे।

इस खास मौके पर रेलमंत्री अध्विनी बैष्‍णव ने ट्विट किया और इसकी जानकाी देते हुए उन्‍होंने लिखा कि ‘लोग हमारे पुराने इतिहास को भूला ना दे और एक समृद्ध सांस्‍कृतिक धरोहर को आधुनिकता के दौर पर पीछे ना छोड दे इसलिए इस गौरव ट्रेन की शुरूआत की जा रही है।’ साथ ही उन्‍होंने यह जानकारी भी दी की यह परिकल्‍पना और संकल्‍पना हमारे देश के प्राइम मिनिस्‍टर माननीय नरेन्‍द्र मोदी जी की थी। जिनके लिए उन्‍होंने प्रधानमंत्री को धन्‍यवाद भी कहा। पुराने इतिहास को जानने की यह बहुत ही अच्‍छी पहल है।

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