पहले दिन चीतों ने किया भैंसे के मीट का नाश्ता, तीन दिन से भूखे थे

पहले दिन चीतों ने किया भैंसे के मीट का नाश्ता, तीन दिन से भूखे थे

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कूनो नेशनल पार्क में पहले दिन चीतों ने भैंसे के मीट का नाश्ता किया। चीते भारत आने के दो दिन पहले से भूखे थे, तीन दिन के बाद चीतों ने भारत में पहली बार नाश्ता किया है।

बता दें, अफ्रीका के नामीबिया से आए चीतों को शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश वर्मा के अनुसार चीते पिछले 3 दिन से भूखे थे तो पीएम के कार्यक्रम का समापन हो जाने के बाद बाड़े में छोड़े गए।

चीतों को भैंसे के मांस का सेवन कराया। वहीं, उन्होंने बताया कि अभी चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें यही भोजन दिया जाएगा। उसके बाद उन्हें चेकअप के बाद बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। फिलहाल चीतों से मिलने के लिए पर्यटकों को 3 महीने इंतजार करना पड़ेगा।

चीतल भी छोड़े जा रहे
चीतों के आहार के लिए 500 चीतलों को भी बाड़े में छोड़ा जाना था, पर बारिश की वजह से अब तक 57 चीतल ही छोड़े जा सके हैं। इसे पहली खेप बताया जा रहा है। पेंच पार्क को कुल 500 चीतल कूनों पार्क में शिफ्ट करने का टारगेट दिया गया है, पहले चरण में 57 चीतल (15 नर, 42 मादा) शिफ्ट हुए हैं।

बताया जा रहा है कि अलग-अलग शिफ्ट में चीतल भी कूनो में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। चीतों के शिकार के लिए चीतल को इलाके में छोड़ा जा रहा है। पेंच के पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा के अनुसार चीता भी बिल्ली प्रजाति में आता है। वह भी किसी भी शिकार को घेरकर मारता है।

चीतों के मनपसंद भोजन में चीतल, हिरण, श्वान और अन्य वन्यजीव भी हैं। वह तेजी से शिकार को पकड़ता है।

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