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Koffee with Karan : Neetu Kapoor ने खुलासा किया कि “ऋषि बहुत अच्छे पिता थे और वह हमेशा अपने बच्चों के लिए उपस्थित रहते थे, बस वह उनके दोस्त नहीं बन सके।”

admin
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Koffee with Karan

 

“Koffee with Karan” के 8वें सीजन ने दर्शकों को हर बार कुछ नई और रोचक बातें सुनने का अवसर दिया है। इस बार की ख़ास बात यह है कि ऋषि कपूर के बेटे राजीव कपूर की पत्नी नीतू कपूर ने खुलासा किया है कि ऋषि कपूर कभी भी अपने बच्चों के दोस्त नहीं थे।

Koffee with Karan
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Neetu Kapoor  कि  lifestyle क्या है ?

Koffee with Karan नीतू कपूर ने कॉफ़ी विद करण के इस एपिसोड में बताया कि ऋषि कपूर अपने बच्चों के साथ बहुत समय बिताने का प्रयास करते थे, लेकिन वह कभी भी उनके दोस्त नहीं बन सके। इसके पीछे कई कारण थे, जिनमें उनके काम की व्यस्तता और उनकी बिजी फिल्मी ज़िन्दगी शामिल थीं। इसके बावजूद, नीतू कपूर ने यह भी साझा किया कि वह कभी भी अपने पति को इसके लिए दोषी नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, “ऋषि बहुत अच्छे पिता थे और वह हमेशा अपने बच्चों के लिए उपस्थित रहते थे, बस वह उनके दोस्त नहीं बन सके।”  इस खुलासे ने सोशल मीडिया पर बहुत ही विवाद उत्पन्न किया है। कुछ लोग इसे एक परिवार के बीच दूरी का परिचय मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक कठिनाई की ओर बढ़ने वाला कदम मान रहे हैं।

 

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ऋषि कपूर कभी अपने बच्चों के दोस्त नहीं थे ?

Koffee with Karan नीतू कपूर ने कहा, “ऋषि कपूर एक काम में डूबे हुए इंसान थे। वह हमेशा अपने काम के पीछे रहते थे और इसका असर उनके बच्चों के साथ समय बिताने पर हुआ।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऋषि कपूर का यह अंश उनके बच्चों के साथ बने दोस्तीयों में कभी भी नहीं आया।

 

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क्या Rishi Kapoor  बहुत अच्छे पिता थे ?

Koffee with Karan के इस एपिसोड में नीतू कपर ने यह भी बताया कि कभी-कभी काम की भरमर उन्हें अपने परिवार से दूर रहने को मजबूर कर देती थी, लेकिन वह हमेशा उनके बच्चों के साथ कुछ खास पलों को सजीव बनाए रखने का प्रयास करती थीं। इस बयान से साफ होता है कि भले ही ऋषि कपूर बच्चों के साथ बने दोस्त नहीं बन सके थे, लेकिन वह हमेशा उनके साथ रहने का प्रयास करते थे। इसका मतलब यह नहीं है कि ऋषि कपूर ने अपने परिवार से दूरी बनाए रखी थी, बल्कि उनका प्रमुख ध्येय उनके करियर और परिवार के बीच संतुलन को बनाए रखना था।

 

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Koffee with Karan नीतू कपूर की बातें इस विषय पर विचार करने का एक नया परिचय प्रदान करती हैं। वह साबित करती हैं कि यह नहीं आवश्यक है कि हर परिवार में सदस्य एक दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त हों, बल्कि महत्वपूर्ण है कि सभी व्यक्तियों को अपने समय को साझा करने के लिए संतुलित रूप से दूर रखने का तरीका सीखना चाहिए।आधुनिक जीवनशैली के इस दौर में, जहां व्यक्ति का करियर उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, कई परिवार ऐसे हैं जो समय की कमी के चलते अपने सदस्यों के साथ बिताए ज्यादा समय पर ध्यान देने में समर्थ नहीं हो पाते हैं। इसमें काम की भरमर, यात्राएं, और अन्य कई दबाव शामिल हो सकते हैं।

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Koffee with Karan नीतू कपूर की यह खुलासा भी दिखाता है कि वे एक समझदार पत्नी और माँ हैं जो अपने पति के करियर की महत्वपूर्णता को समझती हैं और समर्थन देती हैं। इससे साफ होता है कि एक परिवार में सफलता और संतुलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि सदस्य अपने अभिवृद्धि और व्यक्तिगत उत्थान के लिए अपने करियर को पहचानें। आधिकारिक तौर पर एक अभिनेता होने के नाते, ऋषि कपूर ने अपने करियर को समर्थन देने के लिए अपना बहुत बड़ा हिस्सा अपनी शिक्षित बच्चों के साथ बिताने में नहीं बिताया। यह एक ऐसा चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है जहां समय का प्रबंधन करना बहुत मुश्किल हो सकता है।

 

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