fbpx

झोपड़ पट्टी से बने घर में रहता है क्रिकेटर रिंकू सिंह का परिवार! पिता बांटते हैं घर-घर सिलेंडर, जाने रिंकू के संघर्ष की कहानी…

admin
admin
4 Min Read

रिंकू सिंह ने गुजरात के मुँह से छीनी जीत
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल 2023 का 13वां मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और मौजूदा गुजरात टाइंटस (KKR vs GT) के बीच खेला गया. इस मुकाबले में KKR के बल्लेबाज रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने गुजरात के जबड़े जीत छीन ली. रिंकू ने अंतिम ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर गुजरात टाइंटस के गेंदबाज राशिद खान की हैट्रिक पर पानी फेर दिया और केकेआर को एक यादगार जीत दिला दी.

gblo

कौन हैं रिंकू सिंह
अविश्वसनीय पारी के बाद अब हर कोई पूछ रहा है कि आखिर कौन है ये रिंकू सिंह? आइये हम आपको रिंकू सिंह के बारे में सबकुछ बताते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी अलीगढ़ का यह लड़का नौवीं कक्षा में फेल हो चुका है. क्रिकेट में यहां तक पहुंचने की उनकी कहनी बेहद दिलचस्प है. उन्हें पोछा लगाने तक की नौकरी मिली, फिर उन्होंने क्रिकेट को ही अपना जुनून बना लिया

vikyl

रिंकू सिंह आईपीएल में खेलने वाले यूपी के अलीगढ़ के पहले क्रिकेटर हैं. रिंकू लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज और राइट हैंडर ऑफ ब्रेक बॉलर हैं. 12 अक्टूबर 1997 को रिंकू का जन्म यूपी के अलीगढ़ जिले में हुआ था. वह बेहद गरीब परिवार से आते हैं. खानचंद्र सिंह घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते हैं और माता वीना देवी हाउस वाइफ हैं. उनका भाई ऑटो रिक्शा चलता है.

gyil

रिंकू पढ़ाई में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और वह नौवीं कक्षा में फेल हो चुके हैं. रिंकू के अनुसार पिता क्रिकेट खेलने के लिए मारते भी थे, लेकिन जब उन्होंने बाइक जीती तो पिता ने मारना बंद कर दिया. उसी बाइक से उनके पिता सिलेंडर डिलीवरी के लिए जाने लगे.

रिंकू सिंह का अब तक का करियर
16 साल की उम्र में 5 मार्च 2014 को यूपी के लिए लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू करने वाले रिंकू ने उस मैच में 87 गेंदों में 83 रन बनाए थे. इसके बाद उन्हें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 31 मार्च 2014 को अपना T20 डेब्यू करने का मौका मिला. विदर्भ के खिलाफ किया उन्होंने 5 गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाए थे.

वह अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 क्रिकेट प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश का और फिर अंडर-19 स्तर पर सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. रिंकू ने 2016-17 में रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया था.

मैच में क्या हुआ

गुजरात ने कोलकाता के सामने जीत के लिए 205 रनों का लक्ष्य रखा. गुजरात टाइटंस ने आईपीएल में इतिहास रचते हुए पहली बार 200 का आंकड़ा पार किया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रनों की दरकार थी और क्रीज पर रिंकू सिंह तथा उमेश यादव मौजूद थे.

उमेश ने यश दयाल की गेंद पर सिंगल लेकर रिंकू को स्ट्राइक दे दिया. इसके बाद रिंकू ने अपने करियर की अब तक की बेस्ट पारी खेल डाली. उन्होंने यश दयाल के खिलाफ लगातार पांच छक्के लगाकर कोलकाता को तीन विकेट से अविश्वसनीय जीत दिला दी. रिकू सिंह ने अपनी तूफानी पारी के दौरान केवल 21 गेंदों का सामना किया. इस दौरान उन्होंने एक चौका और पांच छक्के लगाते हुए 48 रनों की मैच विनिंग पारी खेली.

Share This Article